kushwaha

Just another weblog

162 Posts

3308 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 7694 postid : 735020

दोहा -चुनाव

Posted On: 21 Apr, 2014 Others में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

नारी नेता जीव दो, लीला अपरम्पार
नेता देश उजाड़ते, रचती घर को नार

नेता हमको चाहिए, बूझे जन की बात
सूरज बन चमका करे, दिन हो या फिर रात

वोट जरूरी है बहुत, देना सोच विचार
निर्भय हो मत डालना, जन्म-सिद्ध अधिकार

धर्म-कर्म के नाम पर, मत डालो तुम वोट
गरल बहुत हम पी चुके, रहे न कोई खोट

सात बजे से शुरू हो, छः पर होता अंत
कार्य करें सब समय से, रखते गुण यह संत

साथ-साथ हम सब चलें, पावन यह त्यौहार
योग्य व्यक्ति को ही चुनें, हो स्थिर नव-सरकार

लाइन लंबी देखकर, लौट न आना भ्रात
बहुत जरूरी दान ये, होगा नया प्रभात

प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

1 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

jlsingh के द्वारा
April 22, 2014

लाइन लंबी देखकर, लौट न आना भ्रात बहुत जरूरी दान ये, होगा नया प्रभात लाइन में घुघनी मिले, ठंढा शरबत साथ, बटन दबे आवाज हो, घरवाली हो साथ.. चुनावी दोहा मनभावन है सर जी!


topic of the week



latest from jagran