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भारत मित्र

Posted On: 14 Oct, 2013 कविता,Others में

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भारत मित्र
————
कारवां था  जो चला
रुका है  कब भला
बदला जब जब  भारत चित्र
बढ़ते गए भारत मित्र
बच्चे चले  बूढ़े चले
बढ़ चले नौजवान
बहना चली माता चली
चले कृषक  और जवान
हरियाली अब आयेगी
सुख शांति जग में छायेगी
जुट गए वीर बाँकुरे
बन भारत मित्र महान
वंदे मातरम
जय भारत
प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा
१३-१०-२०१३

भारत मित्र

————

कारवां था  जो चला

रुका है  कब भला

बदला जब जब  भारत चित्र

बढ़ते गए भारत मित्र

बच्चे चले  बूढ़े चले

बढ़ चले नौजवान

बहना चली माता चली

चले कृषक  और जवान

हरियाली अब आयेगी

सुख शांति जग में छायेगी

जुट गए वीर बाँकुरे

बन भारत मित्र महान

वंदे मातरम

जय भारत

प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा

१३-१०-२०१३

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

December 2, 2013

सादर चरण स्पर्श, नानाजी……………. बच्चे चले बूढ़े चले बढ़ चले नौजवान बहना चली माता चली चले कृषक और जवान हरियाली अब आयेगी सुख शांति जग में छायेगी जुट गए वीर बाँकुरे बन भारत मित्र महान ……………………..सुन्दर बहुत सुन्दर………………………हार्दिक आभार.

jlsingh के द्वारा
October 14, 2013

जुट गए वीर बाँकुरे बन भारत मित्र महान वंदे मातरम जय भारत जय हिन्द!

October 14, 2013

हरियाली अब आयेगी सुख शांति जग में छायेगी जुट गए वीर बाँकुरे बन भारत मित्र महान वंदे मातरम जय भारत bhagwaan kare aisa hi jaye .sundar abhivyakti .

Ravinder kumar के द्वारा
October 14, 2013

प्रदीप जी, सादर नमस्कार. भगवान करे आपका कारवां चले और अपने लक्ष्य को प्राप्त करे. बेहतरीन कविता.


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