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पिकहा बाबा ----प्रेस वार्ता

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पिकहा बाबा —-प्रेस वार्ता

——————————
हे नाती बाबू एहर सुना देखा अंतरजाल आश्रम पर काफी भीड़ इकट्ठी होएला. का  माजरा  बा ?
सुना नाना जी कौनो चिंता न किये . ई सब चारों स्तंभ के लोग इकठ्ठा कियेला . आज तोहरा प्रेस वार्ता का आयोजन बा .
देखा नाती हमका चरका न देवा . २ महीना हो गईला हमरे अवतार का रोजे रोज दांव होएला. कौनो हमरे पास न आवेला. न जाने सब कहाँ बिजी बा . बड़ा मनेजमेंट गुरु बनेला. इतना मा तो हम पूरे  देश की सरकार कई बार बदलवा देते.
नाना ज्यादा शेखी ठीक न बा . ३ स्तंभ तो एश कर रहे हैं. चौथे स्तंभ को बड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है . बहुत व्यस्त हैं. धरा  -६६ की घुट्टी से घबराए हैं.
क्या बात करते हो नाती, ये काहे घबरावत हैं. ये तो महामुनी नारद के वंशज हैं. कवि की कल्पना से तेज हैं. बेड रूम तक इनकी पहुँच है. नारद जी को तो कभी अपमान नही सहना पड़ा. क्या ये अपनी मर्यादाएं लांघ रहे हैं.
अच्छा नाना चुप रहो, बड़ी मुश्किल से इकठ्ठा किया है. बिदक गए तो ऐसे ही  तड़पोगे. कई बार इनके आयोजन पर की गयी सारी व्यवस्था बेकार चली गयी है. वैसे भी  बाबाओं के इतने चर्चे हो गए हैं कि ये उनकी कवरेज से डरते हैं. कहीं बाबा अपने कोमल हाथ से चित्र लेने वाले के गाल  पर अपने हाथ का चिन्ह न छाप  दे .
———————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————————-
उपस्थित चारों स्तंभ के महानुभावों , आपका हार्दिक अभिनन्दन एवं स्वागत है. ये प्रेस वार्ता मेरे द्वारा  आयोजित है . वार्ता सामग्री आपको दी जा चुकी है .प्रश्न उसी के अनुसार होने चाहिए. मैने बहुत प्रयास किया की आपको कष्ट न दूं. अपने कई चॅनल खोल लूं. पर बहुत महंगे पड़ रहे थे. आशा है कि  आप मेरी बात समझ गए होंगे..
पत्रकार—
आप बाबा हैं और आपका ये रूप, बिलकुल साधारण. कोई विशिष्ट विन्यास नही?
बाबा ….
वस्त्र विन्यास , केश विन्यास ? इस विशिष्टता की  मुझे क्या आवश्यकता . देश में विशिष्ट जनों कि कमी है क्या. हर क्षेत्र में भरे पड़े हैं . सामान्य वस्त्र , सामान्य रूप एक आम आदमी जैसा . उन्ही के बीच का. आवश्यकता पड़ने पर उन्ही के बीच खप जाऊं . वस्त्र बदल के रूप न बदलना  पड़े .
मैं आम आदमी हूँ , आपका हूँ.
पत्रकार …..
बाबा आपने अपना आश्रम अंतरजाल पर क्यों बनाया है ? क्या धरती पर आपको जमीन  नहीं मिली ?
बाबा ….
सबसे सुरक्षित स्थान है. पलक झपकते ही सब से संवाद की सुविधा. नीचे  बड़ी हाय तौबा मची है. जमीन  घोटाला, संम्पत्ति घोटाला न जाने क्या क्या.
पत्रकार ….
पर बाबा इस समय तो अंतरजाल पर ही सबसे बड़ा खतरा है. वो धारा ६६- घुट्टी.
बाबा ..
बात तो सही कह रहे हैं आप पर ये बनी तो ठीक है पर इसका दुरुपयोग ठीक नहीं है.
पत्रकार …
धरती पर आप कैसे कार्य करेंगे जब कि आप अन्त्योदय के लिए अवतार लिए हैं.
बाबा …
धरती पर मैं पद यात्रा करूँगा. गांव – गांव जाऊँगा. जो सम्पन्न लोग हैं उनके पास जा कर निवेदन करूँगा कि आप जो कर रहे हैं उससे मेरा कोई मतलब नहीं . बस आप इन गरीबों का ध्यान कीजिये. इनका हक न मारा जाये. निश्चित ही  वे मेरे निवेदन को मान देंगें.
पत्रकार …
देश की वर्तमान राजनीति के बारे में क्या कहना है ?
बाबा ……
मेरी कथनी करनी में अंतर नहीं पायेंगे . पूरा एजेंडा आपको दिया है. जब समाज के लोग वास्तविक रूप से शिक्षित होंगे. उनके पेट भरे होंगे. तभी वे राष्ट्र के बारे में नैतिक जिम्मेदारी हेतु सजग हो पायेंगे. अभी तो कांच के टुकड़ों की तरह धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्रवाद में जकड़े हुए हैं. खुद भी घायल और इनको छूने वाला भी घायल. राजनीति जिनका काम है वो करे. न अंदर से न बाहर से समर्थन या विरोध. गुड खाए और गुलगुलों से परहेज.
पत्रकार …
बाबा जी आपके उद्देश्य की पूर्ती हो, जल्दी ही आपसे भेंट होगी.

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44 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

alkargupta1 के द्वारा
December 12, 2012

आदरणीय कुशवाह जी , पिकहा बाबा की (आपकी) यह प्रेस वार्ता बहुत ही रोचक लगी साभार

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 13, 2012

    सादर आभार आदरणीया अलका जी,

Santosh Kumar के द्वारा
December 10, 2012

श्रद्धेय ,..सादर प्रणाम बहुत रोचक संवाद ,.. मेरी कथनी करनी में अंतर नहीं पायेंगे . पूरा एजेंडा आपको दिया है. जब समाज के लोग वास्तविक रूप से शिक्षित होंगे. उनके पेट भरे होंगे. तभी वे राष्ट्र के बारे में नैतिक जिम्मेदारी हेतु सजग हो पायेंगे. अभी तो कांच के टुकड़ों की तरह धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्रवाद में जकड़े हुए हैं. खुद भी घायल और इनको छूने वाला भी घायल………बहुत आभार पिकहा बाबा की जय ! भारत माता की जय वन्देमातरम

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 11, 2012

    आभार. स्नेही संतोष जी.

Sushma Gupta के द्वारा
December 10, 2012

आदरणीय प्रदीप जी,आपकी पत्रकार -वार्ता सार्थक व् रोचक है ,साथ ही उद्देह्य्पूर्ण भी ,,, आपको साभार वधाई ,,,

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 11, 2012

    आभार आदरणीया शुष्मा जी, सादर

Malik Parveen के द्वारा
December 9, 2012

कुशवाहा जी सादर नमस्कार, सुंदर वार्ता … लास्ट का पैराग्राफ मुझे सबसे अछा लगा … धन्यवाद…

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 10, 2012

    आभार आदरणीया परवीन जी, सादर

ANAND PRAVIN के द्वारा
December 8, 2012

आदरणीय प्रदीप सर, सादर प्रणाम सर पिछले कई दिनों से आपके इस अवतार को मैं पढ़ रहा हूँ…….वार्ता भी पढ़ी सबकुछ अच्छा है किन्तु मुझे यह अवतार कुछ समझ नहीं आ रहा …………अगर यह रहस्य है तो इसके उजागर होने का इन्तजार रहेगा…………और यदि जगजाहिर है तो मुझे पुनः बताने का कष्ट करें सर………बाकी आपकी रचना आपकी ही तरह कभी असत्य ना बोलने वाली

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 8, 2012

    प्रिय आनंद जी, सस्नेह ये मेरा नया पात्र है. इनका अवतार भी पढ़िए सादर आभार

D33P के द्वारा
December 8, 2012

आदरणीय प्रदीप जी सादर  प्रणाम लाजवाब प्रेसवार्ता ,सुन्दर प्रस्तुति

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 8, 2012

    आभार आदरणीया दीप्ति जी, सादर इतने दिनों बाद ?

akraktale के द्वारा
December 5, 2012

आदरणीय बाबा जी                    सादर प्रणाम, ये कैसी वार्ता न पानी पुडी खाने कि बात ना हि किसी मंदिर में माथा टेकने कि सलाह. यह तो सिर्फ भूमिका ही नजर आ रही है सादर शुभकामनाएं.

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    आदरणीय अशोक जी, सादर सब मिलेगा.

yogi sarswat के द्वारा
December 5, 2012

ऐसा आश्रम ? सही कहा ! न ज़मीन की दिक्कत न कोई खर्चा ! इस प्रेस वार्ता में मैं भी शरीक हुआ और अच्छा लगा ! बहुत गज़ब का हास्य पूत रहा आदरणीय श्री प्रदीप कुमार सिंह कुशवाहा जी !

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    आभार आदरणीय योगी जी सादर

bebakvichar, KP Singh (Bhind) के द्वारा
December 4, 2012

प्रदीपजी, अत्यंत बेहतर प्रस्तुति…….कई वार्ताओं के अलग किस्म की प्रेसवार्ता…कई बिंदुओं के साथ बेहतर एजेंडा….

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    प्रोत्साहन, स्नेह हेतु आभार, सादर

sinsera के द्वारा
December 4, 2012

कमाल के बाबा अवतरित हुए हैं…..बिना किसी झगडा झंझट के प्रेस वार्ता संपन्न हो गयी…?? आश्चर्य है….!!!!

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    ईश पुत्री, सस्नेह वार्ता कार कौन है. झंझट कैसे हो सकता है. आभार .

rekhafbd के द्वारा
December 4, 2012

आदरणीय प्रदीप जी , धरती पर मैं पद यात्रा करूँगा. गांव – गांव जाऊँगा. जो सम्पन्न लोग हैं उनके पास जा कर निवेदन करूँगा कि आप जो कर रहे हैं उससे मेरा कोई मतलब नहीं . बस आप इन गरीबों का ध्यान कीजिये. इनका हक न मारा जाये. निश्चित ही वे मेरे निवेदन को मान देंगें.,खूबसूरत पोस्ट पर हार्दिक बधाई

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    आभार आदरणीया रेखा जी, सादर

yamunapathak के द्वारा
December 4, 2012

आदरणीय प्रदीप सर सदर प्रणाम पुनः एक सुन्दर ब्लॉग राजनीति पर उभरे विचार उम्दा हैं.पर जब लोग जाती,धर्मं,सम्प्रदाय के नाम पर लड़ने-झगड़ने पर ही ध्यान देंगे तो अर्जन पर कब देंगे?इसी बात का लाभ उठाया जाता है. साभार

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    आभार स्नेह हेतु आदरणीया पाठक जी सादर

minujha के द्वारा
December 4, 2012

चाचा जी प्रणाम वार्ता तो बङी मजेदार है पर पिकहा बाबा के बारे में कुथ स्पष्ट नही हो रहा,लगता है अगली बार विस्तार से कहेंगे,आभार

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    जीती रहिये भतीजी जी, सस्नेह. अवतार पढ़िए. आभार

manoranjanthakur के द्वारा
December 4, 2012

एकदम लाइव चल रहा है ….. बहुत मजेदार … बधाई

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    आभार सादर मनोरंजन जी

abodhbaalak के द्वारा
December 4, 2012

सर, पिक्हा बाबा से मुलाक़ात तो बड़ी ही मनोरंजक रही पर कहीं न कहीं वो दिल को कुरेदती भी …, विशेस कर आपका लास्ट का पैराग्राफ ………….. साधू ….

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    आदरणीय सादर लिखा तो इसी लिए है. आभार

प्रवीण दीक्षित के द्वारा
December 3, 2012

सूचनात्मक ,यथार्थवादी लेख ….साथ ही साथ सुन्दर प्रस्तुति . बधाई प्रदीप जी ! http://praveendixit.jagranjunction.com/ हमारा मूल्यांकन अपने कमेंट्स से करने का कष्ट करें , धन्यवाद!

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    स्वागत एवं सादर आभार, आदरणीय प्रवीन जी

sudhajaiswal के द्वारा
December 3, 2012

आदरणीय प्रदीप जी, सादर अभिवादन, बहुत अच्छी प्रस्तुति पर पिकहा बाबा है कौन? बहुत बधाई |

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    सादर आभार, आदरणीया सब सामने है.

December 3, 2012

प्रदीप जी नमस्कार ,गूढ़ बातें बहुत खूब आभार ,

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    सादर आभार स्नेह हेतु,

nishamittal के द्वारा
December 3, 2012

पिकाहा बाबा का आक्रमण कौन से बाबा पर है ,किसकी पोल खोल रहे हैं,पोल खोल अच्छी लगी कुशवाह जी.

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    सादर आभार, आदरणीया निशा जी

jlsingh के द्वारा
December 3, 2012

क्या बात करते हो नाती, ये काहे घबरावत हैं. ये तो महामुनी नारद के वंशज हैं. कवि की कल्पना से तेज हैं. बेड रूम तक इनकी पहुँच है. नारद जी को तो कभी अपमान नही सहना पड़ा. क्या ये अपनी मर्यादाएं लांघ रहे हैं. गूढ़ बातें! सादर महोदय!

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    सादर आभार . सर जी

Acharya Vijay Gunjan के द्वारा
December 2, 2012

गुड़ खाए और गुलगुलों से परहेज , वाह …… क्या खूब कही है ! आदरणीय कुशवाहा जी ! सादर अभिवादन ! कृपया यह बताने की कृपा करें कि– ‘ पिकहा बाबा का रहस्य क्या है ? पुनश्च !!

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    सादर महोदय जी, सब तो सामने है.

yatindranathchaturvedi के द्वारा
December 2, 2012

वाह, बेहतरीन प्रस्तुति

    PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
    December 7, 2012

    सादर आभार , महोदय जी


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